Saturday, November 17, 2012

ZALIM TEACHER NE CHHIN LI MAASOOM KI ZINDAGI?

(NAVBHARAT TIMES.TIMES OF INDIA.COM)

जालिम टीचर ने छीन ली मासूम की जिंदगी!

Piya Chaudhary
मां के साथ पिया की तस्वीर।
जयपुर।। टीचर की पिटाई की शिकार एक 9 साल की बच्ची की कैंसर की वजह से मौत हो गई। 2 साल पहले होमवर्क पूरा न करने पर टीचर ने पहली क्लास की स्टूडेंट को इतनी बुरी तरह से मारा कि उसकी आंख की रोशनी चली गई। लंबे वक्त तक इलाज के बाद भी उसके जख्म ठीक नहीं हुए और आखिरकार उसे कैंसर हो गया। शुक्रवार को इस बच्ची ने अंतिम सांस ली।

मामला 2 साल पहले का है। प्रिया चौधरी झुंझुनू के टैगोर स्कूल में पहली क्लास की स्टूडेंट थी। आरोप है कि टीचर ने होमवर्क पूरा न करने पर उसकी पिटाई कर दी थी। टीचर की पिटाई की वजह से पिया को न सिर्फ अपनी आंख गंवानी पड़ी, बल्कि उसके ब्रेन में भी क्लॉटिंग हो गई। 2 साल से दिल्ली के AIIMS में ट्यूमर्स के लिए उसका इलाज चल रहा था। उसकी आंख का भी 8 बार ऑपरेशन हुआ था, लेकिन कुछ महीने पहले डॉक्टर्स ने उसके परिजनों को बताया कि जख्मों में लिम्फोमा (एक तरह का कैंसर) हो गया है।

पिया की मौत के सदमे से उसका परिवार टूट चुका है। लेकिन उन्होंने तय कर लिया है कि उनकी बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार टीचर को वे सजा दिलाकर ही रहेंगे। अब पिया का परिवार चाहता है कि उसकी पिटाई करने वाले टीचर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। परिजनों का यह भी कहना है कि स्कूल मैनेजमेंट ने वादा किया था कि पिया चौधरी के इलाज का खर्च वही उठाएंगे, लेकिन बाद में स्कूल ने हाथ पीछे खींच लिए।

पिया के अंकल नवीन ने अंतिम संस्कार के बाद कहा, 'हम झूंझुनू सदर पुलिस में उस टीचर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराएंगे, जिसकी पिटाई की वजह से न सिर्फ प्रिया की आंख, बल्कि जिंदगी भी चली गई। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि सिर में आई गंभीर चोटों और ब्रेन में क्लॉटिंग की वजह से पिया की हालत बेहद गंभीर हो गई थी।'

6 सितंबर, 2012 को पिया की फैमिली ने टैगोर स्कूल के खिलाफ केस वापस ले लिया था। स्कूल मैनेजमेंट ने वादा किया था कि वह मुआवजे के तौर पर 15 लाख रुपये देगा। लेकिन परिजनों का कहना है कि स्कूल ने पूरे रुपये नहीं दिए। कुछ हिस्सा देने के बाद स्कूल ने उन्हें इग्नोर करना शुरू कर दिया। पिया के अंकल ने कहा, 'पिछले एक महीने से हम उन्हें कॉल कर रहे हैं, लेकिन वे बात नहीं कर रहे। ऐसे में हम फिर से केस खुलवाने के लिए कानूनी सलाह लेंगे।'

पिया की मां सोनू चौधरी के वकील ए.के. जैन का कहना है, 'परिवार ने कोर्ट में ऐफ़िडेविट दिया है कि स्कूल ने 15 लाख रुपये दिए हैं, इसलिए वे केस वापस ले रहे हैं। लेकिन फिर भी लावरवाही की वजह से मौत का मामला तो बनता ही है। हम परिवार की मदद के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।' पिया के परिवार के समर्थन के लिए बहुत से लोग और समाजसेवी संगठन भी आगे आ रहे हैं। चाइल्ड राइट्स ऐक्टिविस्ट विजय गोयल का कहना है, 'हम परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।'

No comments:

Post a Comment